फेसबुक आज भी क्यों मायने रखता है
छोटे शहरों, गाँवों और 35 साल से ऊपर के ग्राहकों में फेसबुक अब भी सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है। क्लिनिक, कोचिंग सेंटर, कैटरर, हार्डवेयर दुकानें, ट्रैवल एजेंट और शादी के फ़ोटोग्राफ़र के ग्राहक अक्सर पहले फेसबुक पेज देखते हैं। 20 साल पुराने बिज़नेस का पेज अगर 50 फॉलोअर्स दिखाए, तो ग्राहक सोचता है कि बिज़नेस नया है।
फॉलोअर्स या पेज लाइक्स?
फेसबुक के नए डिज़ाइन में ज़्यादातर पेज पर फॉलोअर्स मुख्य संख्या होती है। अपना पेज लॉगआउट होकर या private window में खोलें। अगर ऊपर “फॉलोअर्स” लिखा है, तो फॉलोअर्स लें। पुराने classic पेज पर लाइक्स दिखते हैं, वहाँ पेज लाइक्स सही हैं। पेज लाइक्स से पोस्ट पर लाइक्स नहीं बढ़ते, वह अलग सर्विस है।
ग्रुप मेंबर्स
शहर के खरीद-बिक्री ग्रुप, किराये के ग्रुप, alumni ग्रुप और कोर्स कम्युनिटी के लिए मेंबर्स मिलते हैं। डिलीवरी के दौरान membership questions और admin approval बंद रखें, वरना मेंबर्स pending में अटके रहते हैं। ग्रुप के मेंबर्स एक-दूसरे को देख सकते हैं, इसलिए लोकल ग्रुप के लिए बेहतर quality वाले विकल्प चुनें।
Reels और वीडियो व्यूज
फेसबुक Reels (facebook.com/reel link) और सामान्य वीडियो या saved live stream के व्यूज अलग गिने जाते हैं, इसलिए सही सर्विस चुनें। इंस्टाग्राम से शेयर की गई Reel की फेसबुक वाली कॉपी की गिनती अलग होती है।
उदाहरण
नागपुर की एक इंटीरियर डिज़ाइनर ने 60 घर तैयार किए थे, लेकिन उसके फेसबुक पेज पर 85 फॉलोअर्स थे। उसने 1,000 फॉलोअर्स लिए, हर हफ़्ते पहले और बाद की फ़ोटो का एल्बम डाला, और हर एल्बम पर 50–100 लाइक्स जोड़े। अब WhatsApp पर पेज का link पाने वाले परिवारों को उसका काम उतना ही अनुभवी दिखता है जितना वह असल में है।
पेमेंट और रिफ़ंड
UPI से wallet में पैसे डालें, दिखाई गई कीमत ही कटती है। अगर पोस्ट डिलीट हो जाए या पूरी quantity न आए, तो बचा पैसा wallet में वापस आता है। चुनावी या दान के अभियानों में नकली समर्थन दिखाकर लोगों को गुमराह न करें।
पेज को पहले तैयार करें
Order से पहले पेज की cover फ़ोटो, profile फ़ोटो, पता, फ़ोन नंबर, खुलने का समय और WhatsApp बटन ठीक कर लें। पिछले कुछ हफ़्तों में कम से कम चार-पाँच पोस्ट हों, जिनमें असली काम की फ़ोटो हों। जो ग्राहक पेज खोलता है, वह फॉलोअर्स के साथ यह भी देखता है कि आख़िरी पोस्ट कब हुई थी। बढ़ी हुई संख्या और पुरानी आख़िरी पोस्ट मिलकर भरोसा नहीं बनाते।