पहले अपना पेज जाँचें
फेसबुक ने ज़्यादातर पेज नए डिज़ाइन में बदल दिए हैं, जहाँ फॉलोअर्स मुख्य संख्या है। अपना पेज लॉगआउट होकर या private window में खोलें। अगर ऊपर “1.2K followers” लिखा है, तो फॉलोअर्स सर्विस लें। अगर लाइक्स की संख्या प्रमुख दिखती है, जैसा कुछ पुराने पेजों पर होता है, तो पेज लाइक्स सही हैं। कई लोग दोनों लेते हैं।
कौन लेता है पेज लाइक्स
सालों से लाइक्स दिखाने वाले पुराने बिज़नेस पेज, ऐसे संगठन जिनके साझेदार या अनुदान देने वाले लाइक्स देखते हैं, और एजेंसियाँ जिनकी क्लाइंट रिपोर्ट में पेज लाइक्स गिने जाते हैं। स्कूल, क्लिनिक और शोरूम जैसे लोकल बिज़नेस, जिनके पेज classic हैं, ताकि पेज उनकी साख जितना पुराना दिखे।
पोस्ट लाइक्स अलग हैं
पेज लाइक्स से आपकी पोस्ट पर लाइक्स नहीं बढ़ते। अगर पोस्ट पर शून्य रिएक्शन दिखते हैं, तो कुछ ताज़ा पोस्ट पर अलग से पोस्ट लाइक्स जोड़ें, ताकि पेज सक्रिय लगे।
धीमी डिलीवरी
फेसबुक नकली अकाउंट समय-समय पर हटाता है, और अचानक बढ़त ध्यान खींचती है। अच्छे विकल्प कई दिनों में देते हैं। Stable विकल्प कम गिरते हैं और उनमें refill अवधि है।
उदाहरण
मंगलुरु के एक इंजीनियरिंग कॉलेज का classic फेसबुक पेज सालों से 640 लाइक्स दिखा रहा था, जबकि पास के नए कॉलेज कई हज़ार दिखाते थे। दाख़िले के मौसम में अभिभावक पेज की तुलना करते हैं। कॉलेज ने 1,000 पेज लाइक्स लिए और हफ़्ते में दो बार कैंपस इवेंट, प्लेसमेंट अपडेट और शिक्षकों का परिचय डाला। अब अभिभावकों को पेज एक सक्रिय संस्थान जैसा दिखता है।
Link और settings
ब्राउज़र के address bar से पेज का link कॉपी करें, जैसे facebook.com/आपकापेज या facebook.com/profile.php?id=…। पेज published हो और उम्र या देश की पाबंदी न हो। डिलीवरी तक पेज का username न बदलें।
पेज लाइक्स क्या नहीं करेंगे
वे पूछताछ नहीं करेंगे, दाख़िला नहीं लेंगे और कुछ नहीं खरीदेंगे। फेसबुक पेज को लाइक करने वालों में से बहुत कम को पोस्ट दिखाता है। भरोसे के लिए पेज लाइक्स, पहुँच के लिए शहर के हिसाब से विज्ञापन या सही ग्रुप्स में शेयर करें।
पेमेंट और रिफ़ंड
UPI से wallet में पैसे डालें; दिखाई गई कीमत ही कटती है। जो लाइक्स न आएँ, उनका पैसा wallet में लौटता है, और refill अवधि की गिरावट order पेज से भरती है।