API क्यों नहीं
SMM API आम तौर पर resellers के लिए होता है जो अपना पैनल चलाते हैं। Reachwala का ध्यान सीधे ख़रीदारों पर है: दुकानें, creators, एजेंसियाँ और छोटे व्यवसाय। API न देकर हम सपोर्ट, कीमत और गुणवत्ता पर ध्यान रखते हैं।
Dashboard से तेज़ ऑर्डर
सेवा चुनें, link डालें, मात्रा लिखें और ऑर्डर दें। पूरा काम एक मिनट में होता है। पिछले ऑर्डर की सूची से वही सेवा जल्दी दोबारा चुन सकते हैं।
एजेंसियों के लिए
एक ही wallet से कई clients के अकाउंट पर ऑर्डर दें। हर ऑर्डर का link और राशि सूची में दिखती है, जिससे client-wise हिसाब बनाना आसान है।
Ledger और हिसाब
हर top-up, ऑर्डर और रिफंड wallet ledger में दर्ज होता है। आप इसे अपने हिसाब के लिए देख सकते हैं।
उदाहरण: एक freelancer
एक social media freelancer पाँच छोटे व्यवसायों के पेज संभालता है। वह महीने की शुरुआत में ₹2,000 डालता है और हर client के लिए dashboard से अलग-अलग ऑर्डर देता है। महीने के अंत में ऑर्डर सूची देखकर हर client को उसका ख़र्च बताता है। उसे API या अपना पैनल चलाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
अपना पैनल चलाने का झंझट
Reseller पैनल चलाने का मतलब है वेबसाइट, भुगतान, सपोर्ट, रिफंड और धोखाधड़ी, सब ख़ुद संभालना। ज़्यादातर एजेंसियों के लिए dashboard से सीधे ख़रीदना सरल है।
Bulk ऑर्डर
बड़े ऑर्डर एक बार में देने की बजाय drip-feed से दें। इससे delivery स्वाभाविक दिखती है।
Partial और रिफंड
अधूरे ऑर्डर का बचा पैसा अपने आप wallet में लौटता है, API के बिना भी। Wallet का पैसा बैंक में वापस नहीं जाता।
प्लेटफ़ॉर्म नियम
हर प्लेटफ़ॉर्म नकली engagement के ख़िलाफ़ है। Clients के अकाउंट पर ऑर्डर अनुपात में रखें।
सपोर्ट
WhatsApp, Telegram या email पर हिंदी या अंग्रेज़ी में पूछें।
पासवर्ड नहीं
Clients के अकाउंट का पासवर्ड कभी न माँगें, न दें। सिर्फ़ public link।
Clients के साथ ईमानदारी
Clients को बताएँ कि ख़रीदी गई संख्या पहली छाप के लिए है। इसे campaign के असली नतीजों से अलग रिपोर्ट करें।
शुरुआत
₹100 का top-up करें और dashboard से एक छोटा ऑर्डर देकर देखें।
Client रिपोर्ट
हर client के लिए एक साधारण sheet रखें: तारीख़, सेवा, मात्रा और राशि। Dashboard की ऑर्डर सूची से यह जानकारी मिनटों में मिल जाती है, और API के बिना भी हिसाब साफ़ रहता है।