Facebook पर comments क्यों
Facebook का feed उन posts को ज़्यादा दिखाता है जिन पर लोग बात करते हैं, यानी comments और उनके जवाब। भारत में Facebook पर बड़े उम्र के लोग, छोटे शहरों के ग्राहक और local groups बहुत सक्रिय हैं, और वे comments पढ़कर तय करते हैं कि दुकान या सेवा पर भरोसा करें या नहीं।
Random या custom
Random comments छोटे और सामान्य होते हैं। Custom comments में आप लिखते हैं: 'Price kitna hai?', 'Home delivery hoti hai?', 'Kal shop khuli hai?'। ऐसे सवाल असली लगते हैं और दूसरे ग्राहकों को भी पूछने का मौक़ा देते हैं।
झूठे review नहीं
Comments में झूठे अनुभव न लिखें, जैसे 'मैंने खरीदा, बहुत बढ़िया है' अगर किसी ने खरीदा ही नहीं। यह ग्राहकों को गुमराह करता है। सवाल और सामान्य प्रतिक्रिया ठीक है।
उदाहरण
अलीगढ़ का एक ताला निर्माता अपने Facebook page पर नए smart lock का वीडियो डालता है। उसने 8 custom comments लिए, जैसे 'Battery kitne din chalti hai?' और 'Dealer ban sakte hain?'। मालिक ने हर सवाल का जवाब दिया, और असली dealers ने भी comments में संपर्क किया।
कितने comments
असली posts पर comments reactions से कम होते हैं, आम तौर पर हर 10 से 30 reactions पर एक। 100 reactions वाली post पर 5 से 10 comments स्वाभाविक हैं।
जवाब ज़रूर दें
हर comment का जवाब दें। Facebook जवाब वाली बातचीत को ज़्यादा महत्व देता है, और ग्राहक देखते हैं कि page चलाने वाला सक्रिय है।
Comments चालू रखें
Post पर comments सीमित न हों, और page की settings में profanity filter या blocked words सही हों, वरना कुछ comments छिप सकते हैं।
Delivery
Comments कुछ मिनट से कुछ घंटे में शुरू होते हैं; custom comments में कुछ घंटे लग सकते हैं।
Post link
Post के time stamp पर क्लिक करें या तीन बिंदु से 'Copy link' चुनें। Post public होनी चाहिए; सिर्फ़ friends या private group वाली post पर comments नहीं आते।
Facebook के नियम
Meta नकली engagement और spam की अनुमति नहीं देता। अलग-अलग comments लिखें और संख्या कम रखें।
Facebook ads के साथ
Boost post से आप अपने शहर के लोगों तक कुछ सौ रुपये में पहुँच सकते हैं। Post पर पहले से comments हों, तो boost से आए लोग भी comment करते हैं।
क्या नहीं करेंगे
Comments बिक्री, page followers या reach की गारंटी नहीं देते। वे post पर बातचीत की शुरुआत करते हैं।
पेमेंट और रिफ़ंड
UPI से wallet में पैसे डालें। जो comments deliver नहीं हुए, उनका पैसा wallet में लौटता है। पासवर्ड कभी नहीं माँगा जाता।