कमेंट्स क्यों गायब होते हैं
जब इंस्टाग्राम कोई अकाउंट हटाता है, तो उसके सारे कमेंट्स भी गायब हो जाते हैं। सस्ते कमेंट्स में यह आम है। किसी पोस्ट पर 15 कमेंट्स कुछ हफ़्तों में 9 रह सकते हैं, और बीच में बातचीत अधूरी दिखती है।
Non-drop में क्या मिलता है
बेहतर अकाउंट्स, जो सालों पुराने और भरे हुए हैं, और refill अवधि। अगर कोई कमेंट गायब हो, तो refill में उसकी जगह नया कमेंट आ जाता है।
किस पोस्ट पर
Pinned पोस्ट, product launch की पोस्ट, testimonial जैसी पोस्ट, या ब्रांड collaboration की पोस्ट जिसके screenshot भेजे जाते हैं। जो पोस्ट लंबे समय तक देखी जाती है, उस पर non-drop सबसे काम का है।
Custom लिखें
ज़रूरी पोस्ट पर कमेंट ख़ुद लिखें: ख़ास सवाल, किसी फ़ीचर की तारीफ़, कोई अनुभव। ध्यान रखें कि नकली review या झूठे अनुभव न लिखें; सवाल और प्रतिक्रियाएँ ठीक हैं, झूठे दावे नहीं।
उदाहरण
कोयंबटूर का एक हैंडलूम ब्रांड अपनी pinned पोस्ट पर कपड़े की बुनाई का वीडियो रखता है। उसने 12 non-drop custom कमेंट्स लिए, जैसे 'Kya ye pure cotton hai?' और 'Kitne din me banti hai ek saree?'। ब्रांड ने हर सवाल का जवाब दिया, और पोस्ट महीनों तक सक्रिय दिखती रही।
कितने कमेंट्स
हर 20 से 50 लाइक्स पर लगभग एक कमेंट स्वाभाविक है।
Refill कैसे माँगें
अवधि के अंदर कमेंट्स कम हों, तो Orders पेज पर Refill दबाएं।
कब refill नहीं होता
अगर आपने ख़ुद कमेंट delete किए, पोस्ट archive की या कमेंट बंद किए, तो refill लागू नहीं होता।
Delivery
कमेंट्स 0-15 मिनट में शुरू होते हैं। Custom कमेंट्स में कुछ घंटे लग सकते हैं।
जवाब दें
हर कमेंट का जवाब दें। जवाब वाली बातचीत असली लगती है और नए लोगों को भी कमेंट करने का मौक़ा देती है।
इंस्टाग्राम के नियम
इंस्टाग्राम spam की अनुमति नहीं देता। अलग-अलग, असली जैसे कमेंट्स लिखें।
क्या नहीं करेंगे
Non-drop कमेंट्स बिक्री या फॉलोअर्स नहीं लाते। वे ज़रूरी पोस्ट पर बातचीत को लंबे समय तक दिखाते हैं।
पेमेंट और रिफ़ंड
UPI से wallet में पैसे डालें। जो कमेंट्स deliver नहीं हुए, उनका पैसा wallet में लौटता है। पासवर्ड कभी नहीं माँगा जाता।
Non-drop बनाम सस्ते कमेंट्स
सस्ते कमेंट्स नई पोस्ट को शुरुआती बातचीत देते हैं, लेकिन कुछ हफ़्तों में कम हो सकते हैं। Non-drop कमेंट्स उन पोस्ट के लिए हैं जिन्हें लोग लंबे समय तक देखते हैं। दोनों को ज़रूरत के हिसाब से इस्तेमाल करें, ताकि बजट सही जगह लगे।